पितृ दोष जानने के लिए इन बातों पर गौर करें

पितृ दोष जानने के लिए इन बातों पर गौर करें

मनुष्य के शरीर में बहने वाले रक्त में पितरों का अंश होता है, जिसकी वजह से किसी ना किसी रूप में हम उनके ऋणी रहते हैं. इसी ऋण को उतारने के लिए पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म और तर्पण किया जाता है. पितृ पक्ष के दौरान पूर्वज अपने सूक्ष्म रूप में धरती पर आकर परिजनों से तर्पण स्वीकार कर उन्हें आशीर्वाद प्रदान करते हैं. श्राद्ध या पिंडदान तीन पीढ़ियों तक के पितरों को दिया जाता है. श्राद्ध और तर्पण से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलने के साथ ही कर्ता को भी पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है. द्वापर युग में भीष्म पितामह ने भी युधिष्ठिर को श्राद्ध करने से मिलने वाले सुख के बारे में बताया था.

अगर किसी व्यक्ति को पितृ दोष है तो उसे पहचानने के लिए कुछ बातों पर गौर करना चाहिए. जैसे- परिवार के सदस्यों में आपसी कलह होना, पैसों की तंगी होना, स्वास्थ्य खराब रहना पितृ दोष का कारण हो सकता है. इसके अलावा बेटी के विवाह में देरी, बेवजह कोर्ट-कचहरी के केस में फंसना पितृ दोष की वजह हो सकती है. संतान सुख से वंचित रहना भी कुंडली में पितृ दोष की तरफ इशारा करता है.

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