शुक्र से कैसे मिलता है सुख ?

शुक्र से कैसे मिलता है सुख ?

दोस्तों आप लोग अपने जीवन के तमाम पहलुओं के बारे में जानने के लिए तो उत्सुक ही रहते होंगे,,,कोई ये सोचता होगा कि उसकी नौकरी कैसी होगी,,,सरकारी नौकरी मिलेगी या प्राइवेट से ही काम चलाना पड़ेगा,,,नौकरी आखिर कब तक लगेगी,,,,कोई ये जानना चाहता होगा कि उसके जीवन में धन-संपत्ति, यश, वैभव रहेगा कि नहीं,,,किसी के मन में अपनी शादी को लेकर तरंगे उछाल मार रही होंगी,,,कि उसका जीवन साथी कैसा होगा,,,या फिर वैवाहिक जीवन ठीक रहेगा या नहीं,,,कोई अपने भाग्य के बारे में जानने का उत्सुक होगा,,,तो दोस्तों हम आपका परिचय एक ऐसे ग्रह से कराना चाहते हैं जो आपके भौतिक सुख का मुख्य कारक है,,,वो ग्रह है शुक्र…शुक्र के बारे में कहा जाता है कि ये ग्रह आपके जीवन में यश-वैभव का स्वामी है…या दूसरे शब्दों में ये कहें कि जीवन में सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य, स्त्री सुख सब इसी ग्रह के अच्छे होने पर नसीब होते हैं…ये ग्रह नारी जाति को रिप्रेजेंट करता है,,,किसी पुरुष की कुंडली में ये पत्नी को और पत्नी की कुंडली में पति को दर्शाता है।

अगर हिंदू धर्म की बात की जाए तो ये ग्रह लक्ष्मी और काली जी से संबंधित माना जाता है। ये ग्रह दैत्यों के गुरू शुक्राचार्य से भी संबंधित माना गया है। शुक्र को सुख साधनों का कारक माना जाता है। धन-संपत्ति, भोग विलास, रूप-सौंदर्य, मोहित करने की कला, गीत-संगीत में निपुणता, विवाह, ग्रहस्थ जीवन का सुख सब कुछ इसी ग्रह के शुभ फल होते हैं। आपकी कुंडली में अगर शुक्र ठीक है तो सब बढ़िया ही बढ़िया और अगर खराब हैं तो आपको जीवन में कई तरह के दुखों का सामना करना पड़ सकता है। शुक्र ग्रह के अशुभ होने पर आपको आर्थिक कष्ट, पति-पत्नी में अनबन, त्वचा संबंधित रोग, मूत्राशय, गर्भाशय और गुप्त रोगों की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। आमतौर पर ये देखा गया है कि इस ग्रह के बिगड़ने पर लोग लक्ष्मी जी से संबंधित उपाय करते हैं। अब हम आपको ये बताते हैं कि शुक्र ग्रह खराब कैसे होता है। अगर किसी की कुंडली में एक ही भाव में शुक्र के साथ राहु आ जाए,,, तो ऐसे में व्यक्ति पत्नी और धन-संपत्ति से दूर होने लगता है। कुंडली में शनि का बुरा प्रभाव सीधा-सीधा शुक्र ग्रह को प्रभावित करता है। अगर शनि ज्यादा खराब हो तो शुक्र अपना अच्छा प्रभाव छोड़कर व्यक्ति को बर्बाद कर सकता है। प्रेम संबंधों पर भी इसका असर पड़ता है। ये तो हुआ कुंडली के हिसाब से आपके शुक्र का व्यवहार। अब आपको बताते हैं कि आपका खुद का बर्ताव भी शुक्र ग्रह को प्रभावित कर सकता है,,,क्योंकि व्यक्ति का स्वभाव भी शुक्र के खराब होने की निशानी होता है। अगर कोई व्यक्ति अपने परिजनों से अच्छा बर्ताव ना करे और घर में कलह बनी रहे तो भी शुक्र खराब होने लगता है। ऐसे घर में लक्ष्मी जी का वास नहीं होता। कोई व्यक्ति किसी पराई नारी से यौन संबंध बनाता है,,,तो ये भी शुक्र को खराब कर सकता है। इन सबके अलावा अगर कोई व्यक्ति शारीरिक तौर पर गंदा बना रहता है,,,साफ-सफाई का ज्यादा ध्यान नहीं देता,,,जानबूझकर फटे कपड़े पहनता है तो इससे भी शुक्र प्रभावित होने लगता है। शुक्र के खराब होने के संकेत तब मिलते हैं जब व्यक्ति के पास से धन और पत्नी प्रेम दोनों ही दूर होने लगता है। इसके साथ ही पीड़ित व्यक्ति के स्वास्थ्य पर भी शुक्र का बुरा प्रभाव पड़ने लगता है। पुरुष की कुंडली में अगर शुक्र खराब हो तो ये उसके लिए बहुत बुरा होता है। पुरुष की कुंडली का खराब शुक्र उसे यौन रोग दे सकता है या फिर उसे नपुंसक तक बना सकता है। शुक्र के खराब होने से शरीर में त्वचा संबंधी रोग उत्पन्न होने लगते हैं। दोस्तों अगर आप शुक्र ग्रह को शांत रखना चाहते हैं तो नियमित मंत्र जाप करें और लक्ष्मी जी की अराधना करें। ऐसा कहा जाता है कि शिव के अतिरिक्त अगर किसी के पास मृत संजीवनी मंत्र है तो वो दैत्यों के गुरू शुक्राचार्य के पास ही है। इसलिए शुक्र ग्रह का प्रभाव व्यक्ति को सुंदर और ज्ञान से युक्त बनाता है। नारी की कुंडली में शुक्र अच्छा होने पर उसका विवाह जल्दी होता है और उसे सुयोग्य वर मिलता है। पुरुष कुंडली में शुक्र की मजबूती उसे अनेक स्त्रियों का चहेता बनाती है। शुक्र का मजबूत होना आपके जीवन में संघर्ष की कमी को दर्शाता है। इसलिए माना जाता है कि जिसका शुक्र अच्छा…उसका ज्यादातर जीवन सुखमय बीतता है।

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